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The *Prism Club* organized a Poster Presentation Competition

The *Prism Club* organized a Poster Presentation Competition on 26th September 2025 on the theme “Science and Innovation for Sustainable Development.” The event provided a platform for students to showcase their knowledge and creativity by presenting innovative ideas and practical solutions related to science and technology.The competition highlighted the talent and research skills of the participants, who expressed their views on topics such as renewable energy, cyber safety, and mathematical modeling of solar energy. Principal Ma’am appreciated the efforts of the students and praised the creativity, originality, and depth of thought reflected in their posters. The competition not only motivated students to think critically about real-life challenges but also encouraged them to find sustainable and innovative solutions.A total of 20 students participated in the competition, making it a vibrant and engaging event.The results of the competition are as follows: *First Position:* Payal (B.Sc. 2nd year) *Second Position:* Kritika (B.Sc. 2nd year) *Third Position:* Payal (B.Sc. 3rd year) *Consolation Prize:* Sangam (B.Sc. 3rd year)The sincere efforts of all participants were commendable, and the event proved to be a truly inspiring and enriching experience for everyone.

महाविद्यालय में सूचना का अधिकार’ विषय पर क्विज प्रतियोगिता का सफल आयोजन

महाविद्यालय में दिनांक 26.09.2025 को ‘सूचना का अधिकार’ (RTI) विषय पर क्विज प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता का मुख्य उदे्श्य छात्राओं को सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के बारे में जागरूक करना और उनमें पारदर्शिता तथा उत्तरदायित्व की समझ विकसित करना था। कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्या डॉ. अलका मित्तल के स्वागत उद्धबोधन से हुआ। उन्होनें अपने संबोधन में कहा कि RTI अधिनियम नागरिको का सशक्त बनाने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं, और छात्राओं के लिए इसका ज्ञान लोकतांत्रिक मूल्यो की समझ को और मजबूत करेगा।क्विज प्रतियोगिता में कुल पाँच टीमो ने भाग लिया। प्रश्न RTI अधिनियम 2005 की उत्पति, उदे्श्य, कार्यप्रणाली तथा इसके व्यवहारिक महत्व पर आधारित थे। छात्राओं ने अत्यंत उत्साह और आत्मविश्वास के साथ प्रश्नो के उतर दिए। प्रतियोगिता का सचांलन डॉ. अंजू रानी, डॉ. दीप्ति, पूजा सिंह, मुस्कान पवांर ने किया। अंतिम परिणाम में टीम D ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। और टीम E ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। विजेता छात्राओं को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। इस क्विज में 50 छात्राएं उपस्थित रही। समस्त छात्राओं ने इस क्विज प्रतियोगिता से RTI से सम्बंधित महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त की और रोचक अनुभव बताया।

वैश्य महाविद्यालय द्वारा आयोजित वाचन प्रतियोगिता में महाविद्यालय की छात्रा तमन्ना (बी.ए प्रथम वर्ष) ने प्रथम स्थान प्राप्त कर महाविद्यालय को गौरवांवित किया।

दिनांक 19 सितम्बर 2025 को शहीदी दिवस एवं राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में वैश्य महाविद्यालय भिवानी की राष्ट्रीय सेवा योजना द्वारा ऑपरेशन सिंदूर के अंतर्गत एक राज्य स्तरीय ‘ वीर गाथा वाचन प्रतियोगिता ‘ का आयोजन किया गया। इस वाचन प्रतियोगिता में आदर्श महिला महाविद्यालय की छात्रा तमन्ना (बी.ए प्रथम वर्ष) ने प्रथम स्थान प्राप्त कर महाविद्यालय को गौरवांवित किया। डॉ. रमाकांत के दिशा-निर्देशन में हासिल उपलब्धि पर महाविद्यालय प्रबंधकारिणी समिति और प्राचार्या डॉ. अलका मित्तल ने समस्त हिन्दी विभाग को बधाई दी।

महाविद्यालय में प्रतिभा खोज कार्यक्रम ‘फ्रेगरेंसिज’ का जोर-शोर से हुआ आगाज।

कला अभिव्यक्ति का सर्वाेतम माध्यम- डॉ. अलका मित्तल

कला हमारे आत्म विश्वास और आत्म बल को बढ़ाने का महत्वपूर्ण साधन हैं। कला के माध्यम से हम अपने भावो को प्रकट कर सकते हैं। यह उद्गार आदर्श महिला महाविद्यालय में आयोजित प्रतिभा खोज कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय प्राचार्या डॉ. अलका मित्तल ने कहें।उन्होनें यह भी कहा कि शिक्षा के साथ-साथ कला में रूचि रखने वाली छात्राओं को यह मंच उनकी कला प्रस्तुति का उचित माध्यम प्रदान करता हैं। साथ ही छात्राओं को आने वाले यूथ फैस्टिवल में बढ-चढ़ कर भाग लेने के लिए प्रेरित भी किया। गौरतलब है कि महाविद्यालय में प्रथम वर्ष की छात्राओं के लिए विभिन्न विधाओं में प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें रंगोली, मेहंदी, दिया एवं थाली सज्जा, मिरर कला, कॉर्टूनिंग, बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट, अंग्रेजी कविता पाठ, गायन, हिन्दी कविता पाठ, मोनो ऐक्टिंग, नृत्य आदि रही। सभी प्रतियोगिताओं में छात्राओं ने पूर्ण जोर-शोर के साथ अपनी प्रस्तुतियां दी। इस काबिल बनो लोग थारे घरने रिश्ते लेकर नही, नौकरी लेकर आव,बेटिया शीर्षक नामक छात्रा द्वारा स्वरचित कविता ने सभी को भाव-विभोर कर दिया। छात्राओं ने मराठी, हरियाणवी, राजस्थानी, पंजाबी, बीहू, क्लासिक्ल नृत्य के माध्यम से सभी को थरकने पर मजबूर कर दिया। निर्णायक मंडल की भूमिका महाविद्यालय भूतपूर्व गृह विज्ञान विभागाध्यक्षा रीना तनेजा, भूतपूर्व प्राध्यापिका डॉ इंन्दू शर्मा, वैश्य महाविद्यालय के अंग्रेजी विभाग से डॉ. वंदना वत्स ने निभाई।परिणाम इस प्रकार रहा। होगी खतम कहाणी ना मिलती कोइ भी चीज पराणीना पहले हाली हवा रही ना पहले आला पानी छात्रा निशु द्वारा प्रस्तुत कविता ने सभागार में किया सबको मंत्रमुग्धथाली एवं दिया डेकोरेशन में प्रथम स्थान मानसी, द्वितीय स्थान ईशा, मिरर कला में प्रथम स्थान सुनिधि, द्वितीय स्थान कीर्ति बीए, कॉर्टूनिंग में प्रथम स्थान हिमानी, बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट में प्रथम स्थान वंशिका, द्वितीय स्थान सिमरन, मेहंदी प्रतियोगिता में प्रथम स्थान श्रुति, द्वितीय स्थान मोनिका, तृतीय स्थान दिव्या, रंगोली प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्रियंका बीए द्वितीय स्थान खुशी, अग्रेजी कविता में प्रथम स्थान प्रिशा, द्वितीय स्थान भूमिजा, गायन प्रतियोगिता में प्रथम स्थान नम्रता, द्वितीय स्थान रेश्मा, तृतीय स्थान निशु, हिन्दी कविता पाठ में प्रथम स्थान निशु, द्वितीय स्थान भूमिजा, तृतीय स्थान निशा, मोनो ऐक्टिंग में प्रथम स्थान निधि, नृत्य में प्रथम स्थान भूमिका, द्वितीय स्थान निशु, तृतीय स्थान भूमिजा एवं सांत्वना पुरस्कार प्रार्थना को दिया गया।तीन अन्य निर्णायक पुरस्कार निर्णायक मंडल के द्वारा नगद ईनाम मुस्कान, ईशु और प्रिशा को दिए गए। कार्यक्रम संयोजिका डॉ. नूतन शर्मा एवं डॉ. ममता वधवा रही।

महाविद्यालय में चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो.दीप्ति धर्माणी का आगमन हुआ।

संकल्प सबसे बड़ी शक्ति है –प्रो. दीप्ति धर्माणी

विद्यार्थियों से मिला सम्मान ही सच्ची गुरु दक्षिणा- प्रो. दीप्ति धर्माणी

महाविद्यालय में चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो.दीप्ति धर्माणी का आगमन हुआ। उन्होंने दो सत्रों के माध्यम से छात्राओं एवं प्राध्यापिकाओं के साथ सार्थक संवाद किया।प्रथम सत्र में छात्राओं को संबोधित करते हुए प्रो. धर्माणी ने कौशल-आधारित शिक्षा, विवेक प्रबंधन, धर्म संस्कृति, दिनचर्या के नियम एवं रोजगार के अवसरों पर प्रकाश डाला। उन्होंने राष्ट्र निर्माण में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि महिलाएं अपने दायित्वों और कर्तव्यों के प्रति ईमानदार रहें। उन्होंने छात्राओं को उचित आहार शैली अपनाने, माता-पिता का सम्मान करने और अपनी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में लगाने का संदेश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि संकल्प सबसे बड़ी शक्ति है और शिक्षा का उद्देश्य अच्छे-बुरे का भेद करवाने के साथ-साथ कौशल निर्माण भी है।द्वितीय सत्र में प्राध्यापिकाओं को संबोधित करते हुए कुलपति महोदया ने कहा कि शिक्षा मौलिक और मूल्यों पर आधारित होनी चाहिए। उन्होंने शिक्षकों से कक्षा उपस्थिति बढ़ाने, अनुसंधान कार्यों में रुचि लेने और विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सच्ची गुरु दक्षिणा विद्यार्थी से प्राप्त सम्मान है। साथ ही उन्होंने नई शिक्षा नीति और शोध प्रक्रिया पर भी प्रकाश डाला।महाविद्यालय प्राचार्या डॉ. अलका मित्तल ने कुलपति प्रो. दीप्ति धर्माणी का बहुमूल्य समय प्रदान कर छात्राओं व प्राध्यापिकाओं का मार्गदर्शन करने हेतु आभार व्यक्त किया।कार्यक्रम का आयोजन महिला प्रकोष्ठ एवं स्टूडेंट काउंसिल के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। कार्यक्रम संयोजिका डॉ. अपर्णा बत्रा रही।

महाविद्यालय में शिग्रु पर विशिष्ट व्याख्यान।

महाविद्यालय के संस्कृत विभाग द्वारा “शिग्रु (मोरिंगा) का वेद, आयुर्वेद एवं आधुनिक विज्ञान में महत्व” विषय पर एक विशेष अतिथि व्याख्यान का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम प्राचार्या डॉ. अलका मित्तल के मार्गदर्शन में तथा संस्कृत विभागाध्यक्ष डॉ. सुमन की अध्यक्षता में सम्पन्न हुआ।मुख्य वक्ता सुप्रसिद्ध स्वास्थ्य-विशेषज्ञ प्रो. के. सी. वर्मा ने शिग्रु के औषधीय एवं पोषक गुणों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि वैदिक साहित्य और आयुर्वेदिक ग्रंथों में शिग्रु का उल्लेख कटु रसयुक्त, ऊष्ण प्रकृति का तथा कफ-वात शमनकारी औषधि के रूप में मिलता है। आधुनिक विज्ञान ने भी इसे सुपरफूड का दर्जा दिया है, क्योंकि यह आवश्यक पोषक तत्वों से भरपूर होकर रोग-प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है।प्रो. वर्मा ने कहा कि आयुर्वेद भारतीय जीवन-दर्शन की अमूल्य धरोहर है और इसकी शिक्षाएँ आज भी प्रासंगिक हैं। उन्होंने छात्राओं को प्रेरित किया कि वे आधुनिक चिकित्सा-विज्ञान के साथ-साथ आयुर्वेद की परंपरा को भी अपनाएँ। व्याख्यान के दौरान छात्राओं ने विभिन्न प्रश्न पूछकर सक्रिय सहभागिता प्रदर्शित की। मुख्य वक्ता द्वारा सभी प्रश्नों का समाधान प्रस्तुत किया गया तथा उनकी जिज्ञासाओं का समुचित शमन किया गया। इसी कड़ी में उन्होंने शिग्रु पौधों के महत्व को रेखांकित करते हुए परिसर में पौधारोपण किया, जिसमें छात्राओं ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया और लगाए गए पौधों के संरक्षण का संकल्प लिया।इस अवसर पर प्राचार्या डॉ. अलका मित्तल ने कहा कि ऐसे व्याख्यान और गतिविधियाँ छात्राओं को भारतीय संस्कृति की वैज्ञानिकता से परिचित कराने के साथ-साथ पर्यावरणीय चेतना भी जागृत करती हैं। कार्यक्रम के समापन पर संयोजिका डॉ. सुमन ने मुख्य वक्ता एवं प्राचार्या महोदया का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर श्रीमती अनीता वर्मा, डॉ निशा शर्मा, कुमारी मनीषा, डॉ महिमा इत्यादि अन्य शिक्षिकाएं भी उपस्थित रही

World Suicide Prevention Day Observed at College Campus

*World Suicide Prevention Day Observed at College Campus*The Department of Psychology, under the guidance of Dr. Alka Mittal, Principal, organized an awareness campaign in the college campus to mark World Suicide Prevention Day. The campaign aimed to promote mental health awareness, emphasize early intervention, and spread a message of hope and support. Through this initiative, we reaffirm our commitment to mental well-being and suicide prevention, fostering a supportive environment for all.

महाविद्यालय में स्नातकोत्तर छात्राओं के लिए इण्डक्शन कार्यक्रम का आयोजन।

स्नातकोत्तर छात्राओं के लिए एक भव्य इण्डक्शन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस इंडक्शन प्रोग्राम का उद्देश्य छात्राओं को महाविद्यालय की विभिन्न गतिविधियों, सेल एवं सोसाइटी से परिचित करवाना तथा विषय संबंधी जानकारी प्रदान करना रहा।महाविद्यालय प्राचार्या डॉ. अलका मित्तल ने अपने प्रेरणादायी संबोधन में कहा कि छात्राएं महाविद्यालय में केवल विषय संबंधित ज्ञान अर्जित करने नहीं आई हैं, बल्कि उन्हें कौशल आधारित शिक्षा भी दी जाएगी ताकि वे भविष्य में रोजगारोन्मुख बन सकें। उन्होंने छात्राओं को नौकरी पाने वाली नहीं, बल्कि नौकरी देने वाली बनने का आह्वान किया।स्नातकोत्तर कोऑर्डिनेटर डॉ. अपर्णा बत्रा ने भी छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि इस महाविद्यालय से जुड़ने से उनकी शिक्षा का महत्व ही नहीं बढ़ेगा, बल्कि उनका व्यक्तित्व भी निखरेगा।कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने विभिन्न खेलों में भाग लिया और शिक्षक वृंद के साथ विचार-विमर्श किया। साथ ही, विषय आधारित चर्चाओं के माध्यम से उन्हें नए दृष्टिकोण प्रदान किए गए। यह आयोजन स्नातकोत्तर विभाग के संयुक्त तत्वावधान में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

महाविद्यालय में हिंदी दिवस पर कार्यक्रम का आयोजन।

महाविद्यालय में हिंदी विभाग द्वारा हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में रचनात्मक विमर्श एवं हिंदी दिवस विमर्श कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बाबा मस्तनाथ विश्वविद्यालय की प्रोफेसर एवं शोध निर्देशिका, प्रसिद्ध कवयित्री डॉ. रश्मि बजाज मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का संचालन हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. रमाकांत शर्मा ने किया।कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्या डॉ. अलका मित्तल ने की। अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा कि हिंदी हमारे राष्ट्र की पहचान एवं स्वाधीनता संग्राम की भाषा है। आज हिंदी में रोजगार के अनेक अवसर उपलब्ध हैं। हिंदी हमारे स्वाभिमान की प्रतीक है और इसका सम्मान ही राष्ट्र का सम्मान है।मुख्य वक्ता डॉ. रश्मि बजाज ने भाषाओं के महत्व को रेखांकित करते हुए हिंदी की विशेषताओं, विस्तार एवं वैश्विक पहचान पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि विश्व के अनेक विश्वविद्यालयों में हिंदी पढ़ाई जा रही है तथा हिंदी में गौरवपूर्ण साहित्य और व्यापक स्तर पर अनुवाद कार्य मौजूद है। उन्होंने छात्राओं को लेखन संबंधी मार्गदर्शन दिया और अपनी कविताओं का पाठ भी किया। इस अवसर पर छात्रा निशा शर्मा ने हिंदी के महत्व पर कविता प्रस्तुत की।इस कार्यक्रम में उप प्राचार्या डॉ. अपर्णा बत्रा, डॉ. रिंकू अग्रवाल, डॉ. ममता बधवा, डॉ. ममता चौधरी, प्रो. बबीता चौधरी, मीनाक्षी, पूजा सिंह सहित अन्य शिक्षक-शिक्षिकाएँ उपस्थित रहीं।

महाविद्यालय की छात्रा निशा ने वुशु प्रतियोगिता में जीता कांस्य पदक।

1 सितम्बर। छात्रा कुमारी निशा ने असमिता खेलो इंडिया राज्य स्तरीय वुशु महिला विंग 2025 प्रतियोगिता में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की। यह प्रतियोगिता 31 अगस्त 2025 को आर. सी. ग्रीन फील्ड स्कूल, मस्तापुरी, रेवाड़ी में आयोजित की गई, जिसमें कुमारी निशा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक हासिल किया।महाविद्यालय प्राचार्या डॉ. अलका मित्तल ने कुमारी निशा को शुभकामनाएं देते हुए उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर शारीरिक शिक्षा एवं खेलकूद विभाग की कोऑर्डिनेटर डॉ. रेनू, विभागाध्यक्ष डॉ. मोनिका सैनी तथा प्राध्यापिका नेहा ने भी बधाई दी और इस उपलब्धि को महाविद्यालय के लिए गर्व का विषय बताया।

महाविद्यालय की छात्रा खुशी ने योग प्रतियोगिता में दिलाया स्वर्ण व कांस्य पदक

महाविद्यालय की प्रतिभाशाली छात्रा कुमारी खुशी ने अपनी अद्भुत प्रतिभा और कठिन परिश्रम के बल पर 6वीं हरियाणा स्टेट योगासन स्पोर्ट्स चैम्पियनशिप में उल्लेखनीय सफलता अर्जित कर महाविद्यालय एवं क्षेत्र का नाम रोशन किया है।यह प्रतियोगिता हरियाणा योगासन खेल संगठन द्वारा दिनांक 2 से 3 सितम्बर 2025 तक रेवाड़ी में आयोजित की गई। प्रतियोगिता में राज्यभर से प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया और योग के विभिन्न आसनों में अपनी-अपनी योग्यता का प्रदर्शन किया। इस प्रतियोगिता में छात्रा खुशी ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए रिधमिक पैन श्रेणी में कांस्य पदक तथा हैंड बैलेंस श्रेणी में स्वर्ण पदक हासिल किया।महाविद्यालय प्राचार्या डॉ. अलका मित्तल ने खुशी की इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि खुशी की यह सफलता महाविद्यालय के लिए गौरव का विषय है और इससे अन्य छात्राओं को भी प्रेरणा मिलेगी कि वे योग एवं खेलकूद की गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी करें।इस अवसर पर शारीरिक शिक्षा एवं खेलकूद विभाग की कोऑर्डिनेटर डॉ. रेनू, विभागाध्यक्ष डॉ. मोनिका सैनी तथा प्राध्यापिका नेहा ने भी खुशी को इस शानदार सफलता पर शुभकामनाएं दीं ।

चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय के द्वारा अंतर भाषण प्रतियोगिता में महाविद्यालय की छात्रा भूमिजा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।

दिनांक 26 अगस्त 2025 को चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय के द्वारा एक दूरदर्शी नेता के रूप में चौधरी बंसीलाल जी की जंयती पर अंतर भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस अंतर भाषण प्रतियोगिता में आदर्श महिला महाविद्यालय की छात्रा भूमिजा (बी.ए प्रथम वर्ष) ने तृतीय स्थान प्राप्त कर महाविद्यालय को गौरवांवित किया। डॉ. रमाकांत के दिशा-निर्देशन में हासिल उपलब्धि पर महाविद्यालय प्रबंधकारिणी समिति और प्राचार्या डॉ. अलका मित्तल ने समस्त हिन्दी विभाग को बधाई दी।

Entrepreneurship Cell of Mahavidyalaya organized a Slogan Writing Competition.

As part of Entrepreneurship Pakhwada, the Entrepreneurship Cell of Adarsh Mahila Mahavidyalaya, Bhiwani organized a Slogan Writing Competition on 25th August 2025 to foster creativity and spread awareness about the spirit of entrepreneurship.The theme of the competition was “Chhota Koi Kaam Nahin, Hunar Se Hi Naam Hai”, which inspired participants to emphasize the dignity of work and the importance of skills. Students from various departments participated with great enthusiasm and showcased innovative slogans reflecting their entrepreneurial ideas.The entries were judged by Dr. Rinku Agarwal, Associate Professor, and Dr. Renu, Assistant Professor, on the basis of originality, clarity, and relevance to the theme. Ritika, 241(B.A. 1st Year) secured the first prize, while Payal 809 (B.A. 2nd Year) and Jyoti, 1736 (B.A. 3rd Year) won the second and third prizes respectively.The Principal appreciated the initiative of the Entrepreneurship Cell and motivated students to adopt entrepreneurial thinking in their future endeavors. The event concluded with a vote of thanks, marking the celebration of Entrepreneurship Pakhwada a grand success.

महाविद्यालय में दो दिवसीय ‘इड्ंक्शन प्रोग्राम’ सत्र 2025-26 का आयोजन किया गया।

आदर्श महिला महाविद्यालय में प्राचार्या डॉ. अलका मित्तल के दिशा-निर्देशन में दो दिवसीय ‘इड्ंक्शन प्रोग्राम’ सत्र 2025-26 का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम स्नातक प्रथम वर्ष-कला संकाय, विज्ञान संकाय, वाणिज्य संकाय, बीसीए की छात्राओं के स्वागत और महाविद्यालय से परिचय कराने हेतु आयोजित किया गया। कार्यक्रम का संचालन एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. रिंकू अग्रवाल, अंग्रेजी विभाग ने किया। जिसमें उन्होनें प्रथम वर्ष की छात्राओं के स्वागत के साथ महाविद्यालय के शैक्षणिक माहौल से परिचित करवाते हुए महाविद्यालय की गरिमामयी संस्कृति, नियम, प्रक्रिया और अनुशासन से परिचित करवाया।प्राचार्या डॉ. अलका मित्तल ने अपने स्वागत भाषण मे कहा कि छात्र जीवन में पहला कदम अपना लक्ष्य निधार्रित करना है। अनुशासित रहते हुए, नई तकनीकी और प्रोद्यौगिकी से स्वयं को जोड़कर छात्राएं आगे बढे़ं। उन्होनें महाविद्यालय में चलाए जा रहें इन्क्यूबेशन सैंटर, प्लैसमेंट सैल जैसी महत्वपूर्ण जानकारियों से अवगत करवाते हुए बताया कि हमारा महाविद्यालय उद्यमिता और रोजगार के अवसर प्रदान करने के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। डॉ. रिंकू अग्रवाल ने पीपीटी के माध्यम से छात्राओं को पाठ्येत्तर गतिविधियों, नई शिक्षा नीति, पाठ्यक्रम का विस्तृत वर्णन, परीक्षा पैर्टन, महाविद्यालय में चलाए जा रहें क्लब, सैल, परिषद आदि का विस्तृत परिचय दिया। इसी के साथ उन्होनें महाविद्यालय के आधुनिक पुस्तकालय और वहाँ उपलब्ध उपयोगी पुस्तकों की जानकारी दी। उन्होनें कहा महाविद्यालय में एनसीसी और एनएसएस जैसी सेवाएं छात्राओं को कैरियर और सामजिक दोनो स्तर पर लाभान्वित करती हैं। इस अवसर पर महाविद्यालय उप-प्राचार्या डॉ. अर्पणा बत्रा भी मौजूद रही। महाविद्यालय प्राचार्या ने वाणिज्य संकाय काोर्डिनेटर डॉ नीरू चावला, कला संकाय काोर्डिनेटर डॉ. रिंकू अग्रवाल, विज्ञान संकाय काोर्डिनेटर डॉ. निशा शर्मा, बीसीए काोर्डिनेटर डॉ. दीपू सैनी को सफल आयोजन की बधाई दी। इस अवसर पर सभी प्राध्यापिकाएं और स्नातक प्रथम वर्ष की छात्राएं उपस्थित रही।