महाविद्यालय के सात दिवसीय एनएसएस शिविर के तीसरे दिन हुआ स्वच्छता अभियान, योग और जल संरक्षण पर जागरूकता कार्यक्रम

आदर्श महिला महाविद्यालय द्वारा आयोजित सात दिवसीय राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) शिविर के तीसरे दिन विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया। दिन की शुरुआत स्वच्छता अभियान से हुई, जिसमें स्वयंसेवकों ने महाविद्यालय परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों की सफाई कर स्वच्छता का संदेश दिया। इसके पश्चात योग और ध्यान सत्र आयोजित किया गया, जिसके बाद सभी प्रतिभागियों को नाश्ता प्रदान किया गया।योग और ध्यान सत्र में “आर्ट ऑफ लिविंग” की प्रशिक्षक डॉ. अल्का तंवर ने “प्रोजेक्ट पवित्रता” के तहत मासिक धर्म स्वच्छता और स्वास्थ्य पर महत्वपूर्ण जानकारी दी। इसके साथ ही उन्होंने विद्यार्थियों को विभिन्न रोचक योगासन और ध्यान की विधियां भी सिखाईं, जिससे मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने के उपाय समझाए गए।इसके बाद विश्व जल संरक्षण दिवस से एक दिन पूर्व श्री पवन कुमार और अशोक भाटी जी द्वारा विद्यार्थियों को जल संरक्षण के महत्व के बारे में जागरूक किया गया। अशोक भाटी जी ने अपने वक्तव्य का समापन नारे “जल है तो कल है, जल ही जीवन है” के साथ किया।इसके उपरांत अनुराधा खनकवाल ने विधिक जागरूकता और कानूनों से संबंधित जानकारी दी, जिससे विद्यार्थियों को अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति सजग किया गया। समापन सत्र में पवन कुमार ने एनएसएस की भूमिका, जल संरक्षण और विलुप्त होती पक्षियों की प्रजातियों के बारे में जागरूकता बढ़ाई। उन्होंने स्वयंसेवकों को “Save Water, Save World, Save Ourselves” का नारा दिया और स्वयं के जीवन से जुड़े प्रेरणादायक प्रसंग साझा किए।

इसके बाद डॉ. सीमा द्वारा एक आर्ट एंड क्राफ्ट वर्कशॉप का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस कार्यशाला में मिट्टी के दीयो और मटकों की सजावट, बंदरवाल बनाने जैसी आकर्षक गतिविधियाँ कराई गईं। इस रचनात्मक सत्र के माध्यम से विद्यार्थियों ने अपनी कला और सृजनात्मकता को व्यक्त करने का अवसर प्राप्त किया।शिविर में डॉ. निशा शर्मा ने एनएसएस स्वयंसेवकों की समाज में भूमिका को प्रभावी ढंग से समझाने के लिए कैटरपिलर रेस, हर्डल रेस और ग्रुप कोऑर्डिनेशन गेम्स जैसी विभिन्न खेल गतिविधियों का आयोजन किया। इन खेलों ने विद्यार्थियों के भीतर टीम वर्क, लीडरशिप और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को प्रबल किया और उनके उत्साह व जोश को बढ़ाया। शिविर में डॉ. निशा शर्मा ने एनएसएस स्वयंसेवकों की समाज में भूमिका को प्रभावी ढंग से समझाने के लिए कैटरपिलर रेस, हर्डल रेस और ग्रुप कोऑर्डिनेशन गेम्स जैसी विभिन्न खेल गतिविधियों का आयोजन किया। इन खेलों ने विद्यार्थियों के भीतर टीम वर्क, लीडरशिप और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को प्रबल किया और उनके उत्साह व जोश को बढ़ाया।